अब घर बैठे ही लोग देखेंगे गौशाला की गतिविधियां, बीबीएन की सड़कों पर घूम रही गायें अब होंगी क्षेत्र की गौशाला में- शर्मा
बद्दी, 26 फरवरी (शांति गौतम) बद्दी के मलकू माजरा स्थित हरे कृष्णा गौशाला ने अपनी वेबसाइट बुधवार को लांच कर दी है। गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने वेबसाइट का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। हरे कृष्णा गौशाला पूरे हिमाचल में एक माडल के रूप में काम कर रही है। इस गौशाला में साढे चार सौ गौवशं पल रहा है। गौशाला की अपनी एक कमेटी से जिसमें दो दर्जन सक्रिय सदस्य है। जो इस गौशाला के संचालन में मु य भूमिका निभा रहे है। अभी तक इस कमेटी ने सरकार से कोई अनुदान नहीं लिया है। यह कमेटी व लोगों के सहयोग से चल रही है। गौशाला में प्रति माह साढे चार लाख रुपये का खर्चा आता है। गौशाला देसी गाय के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके अलावा कहीं पर भी सड़क पर अगर कोई गाय व बैल दुर्घटना ग्रस्त होता है तो गौशाला की आपातकालीन टीम ज मी गाय को उठा कर अपने गौशाला में लाता है। जहां पर उसके खाने पीने के अलावा उसके दवाईयां भी उपलब्ध कराई जाती है।
गौशाला के संचालक एवं गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि गौशाला की बेवसाईट लांच कर दी गई है। अब लोग अपने घर बैठे ही गौशाला की गतिविधियों से अवगत हो सकते है। यहां पर गाय को कैसे पाला जाता है। कितनी फीड व चारा एक गाय को दिया जाता है। इसका अलावा बीमार गायों को कैसे ट्रीट किया जाता है। यही नहीं अगर क्षेत्र से किसी गाय के दुर्घटना ग्रस्त होने की सूचना मिलती है तो कैसे उसे उठा कर गौशाला पहुंचाया जाता है। यह सब गाय पालने वाले लोग देख कर अपने यहां पर ऐसी प्रणाली को अपना सकते है। कमेटी में कृष्ण कौशल, अमरजीत सिंह, लज्जा राम, चमनलाल, राजेश गुप्ता, राजेंद्र सिंह, संजय शर्मा, सुरेंद््र चौधरी समेत दो दर्जन सक्रिय सदस्य है। जो कमेटी की देखभाल करते है। उन्होंने बताया कि हांडा कोंडी स्थित गौ अभारण्य क्षेत्र तीन माह के भीतर तैयार हो जाएगा। इस गौ शाला सेंंचुरी में बैलों को ही रखा जाएगा। बीबीएन में बीस गौशालाएं काम कर रही है। अभी बीबीएन में जो सड़कों को गौ वंश है उसे हर गौशाला में गायों को देखभाल व पालन पोषण के लिए दिया जाएगा। गौ वंश को किसी भी कीमत पर बेकदरी नहीं होगी। कमेटी के सदस्य कृष्ण कौशल ने बताया कि हरे कृष्णा गौशाला इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक मिसाल बन कर उभरी है। यहां पर पाली जा रहा गौवंश काफी स्वस्थ व खुशहाल है। गौशाला के संरक्षण अशोक शर्मा ने जो वर्षो जो गाय का पालन का बीड़ा उठाया था वह अब उनकी आशाओं पर पूरा उतरता नजर आ रहा है। यह गौशाला एक घास के छप्पर से शुरू हुई थी और अब यहां पर पक्के शैड बन कर चुके है। बाबु बंत राम की अध्यक्षता में यह कमेटी शुरू हुई थी आजगौशाला की अपनी चार दिवारी है। तुड़ी के लिए भी शैड की व्यवस्था है। गौशाला के साथ एक मदिर का भी निर्माण किया है जहां पर कमेटी ने एक पुजारी को नियुक्त किया है। यहां पर गायों की सेवा के साथ भी भगवान श्रीकृष्ण का भी गुणगान हर रोज सुबह शाम होता है।































