कौशल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् द्वारा नई पहल
करनाल, आशुतोष गौतम ( 9 जनवरी ) हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर स्कूलों में कौशल विकास के पाठ्यक्रम लागू होने से विद्यार्थियों की प्रतिभा का विकास हो रहा है। समग्र शिक्षा की जिला परियोजना संयोजक सपना जैन ने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहाँ वर्ष 2012-13 से कक्षा 9 वीं से मुख्य पाठ्यक्रम के साथ कौशल शिक्षा को लागू किया है। आज राज्य के 1065 राजकीय माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 14 कौशल विषयों को मुख्य पाठ्यक्रम के साथ संचालित किया जा रहा है। विद्यार्थियों में कौशल शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां समय समय पर कराई जाती रहती है। इस क्रम में बच्चों को औद्योगिक भ्रमण, इंडस्ट्री प्रोफेशनल द्वारा अतिथि व्याख्यान आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि सत्र 2019-20 में जिले के 74 स्कूलों में शीतकालीन अवकाश के दौरान अलग-अलग वोकेशनल विषयों के 2156 विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप कराई जा रही है। इसमें सभी विद्यार्थियों ने अलग-अलग कंपनियों में अपने विषय के अनुसार 100 घंटे की ट्रेनिंग पूरी करेंगे। इन विषयों में आईटी, टूरिज्म, रिटेल, सिक्योरिटी, ब्यूटी और वैलनेस आदि के अंतर्गत आने वाली कंपनियां है, जो इन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देकर इनकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी व वोकेशनल टीचर इस ट्रेनिंग पर आने वाले विद्यार्थियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी टीम के साथ ज्वेल्स होटल, सिग्नस हॉस्पिटल, शिव शक्ति ऑटोमोबाइल आदि पर पहुँच कर ट्रेनिंग कर रहे विद्यार्थियों से मिलकर हो रही ट्रेनिंग का जायजा लिया और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग से विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। उन्होंने मौके पर उपस्थित वोकेशन टीचर का भी उत्साह बढ़ाया। इस दौरान सहायक परियोजना संयोजक अंजू बाला और वोकेशनल कॉर्डिनेटर सत्येंद्र तिवारी मौजूद रहे।



































