महिला शिकायतों के निष्पदान एवं अन्य कानूनी पहलुओं को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया
जसवाल, ऊना, 10 जनवरी:- हिमाचल प्रदेश महिला आयोग के तत्वावधान में आज पुलिस लाईन झलेड़ा में महिला शिकायतों के निष्पदान एवं अन्य कानूनी पहलुओं को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें लगभग सौ पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेज़ी ठाकुर ने की। इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. डेज़ी ठाकुर ने कहा कि प्रकृति ने महिला पुरुष को एक समान बनाया है लेकिन समाज ने हमें अलग-अलग परिभाषित कर दिया। ऐसा कोई कार्य नहीं है जिसे महिलाएं नहीं कर सकतीं बल्कि बहुत से ऐसे कार्य हैं जिन्हें महिला बखूबी करती हैं जबकि पुरुष नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि परिवार से समाज बनता है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज दोनों जगह महिलाओं को सम्मान देना चाहिए। परिवार में यदि मां, बहन, पत्नी, बेटी को एक समानरूप से देखा जाए तो समाज में महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार की समस्या स्वत: ही दूर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं द्वारा एफआईआर दर्ज करना कोई गलत बात नहीं है बल्कि इससे यह पता चलता है कि आज की महिला अपनी अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है। उन्होंने महिलाओं से अपने अंदर आत्मविश्वास जैसे गुणों को विकसित करने का आहवान किया ताकि किसी भी विकट परिस्थिति का वे निडर होकर सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के पास कोई महिला शिकायत लेकर आती है तो उसके साथ सहानुभूति और पूर्ण संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला शिकायतों का निपटारा करते हुए दोनो पक्षों को काउंसलर की मदद से समझाने की कोशिश करें ताकि मामलों को शीघ्र निपटाया जा सके। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्या इंदु बाला तथा डिग्री कॉलेज ऊना की प्रवक्ता डॉ. मीता शर्मा ने भी अपने विचार रखे। कार्यशाला में महिला आयोग के लॉ आफिसर अनुज वर्मा ने पुलिस कर्मियों को महिला आयोग की कार्य प्रणाली व आयोग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा इससे पूर्व शिमला, सोलन, कांगड़ा, हमीरपुर तथा पुलिस जिला बद्दी में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एसपी ऊना दिवाकर शर्मा ने विभागीय जानकारी देते हुए बताया कि महिला शिकायतों के निपटारे के लिए जिला मुख्यालय पर महिला पुलिस थाना खोला गया है। उन्होंने बताया कि महिला पुलिस थाना में वर्ष 2019 के दौरान 638 शिकायतें प्राप्त हुईं जिनमें से 635 का निपटारा किया गया तो वहीं 2018 में 27 एफआईआर और 2019 में 42 एफआईआर दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीडऩ के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसी घटनाओं में शिकायत का दो महीने के अंदर निपटान सुनिश्चित किया जाता है तथा इसकी निगरानी स्वयं एसपी द्वारा की जाती है। इस अवसर पर एएसपी विनोद कुमार धीमान, डीएसपी ऊना अशोक वर्मा, डीएसपी हरोली अनिल कुमार व डीएसपी अंब मनोज जम्वाल सहित अन्य उपस्थित थे।
































