बददी में आवारा कुत्तों का कहर
सरकारी अस्पताल में नही मिल रहे रेबीज इंजेक्शन
बीबीएन 23 सितम्बर।
शांति गौतम
बददी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की भरमार है और
इनके काटने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है। रोजाना बददी अस्पताल में आधा दर्जन मरीज कुत्ते व बन्दर के काटने का उपचार करवाने आते है। कुत्तो का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब ये स्कूटर मोटरसाइकिल की सीटो को भी अपना निशाना बना रहे है।
ये कुत्ते छोटे बच्चे व महिलाओं को अपना ज्यादा निशाना बना रहे है। जिससे कि इलाके में डर का माहौल भी बना हुआ है। लोग अपने छोटे बच्चो को अकेले घर से बाहर नही जाने दे रहे है। बालद नदी से समीप रहने बाले कलवा ने बताया कि की वो रोज बददी में अपनी रेडी पर गत्ते का काम करने आता है लेकिन बुधवार को जब वह बददी पहुँचा तभी उसे कुत्ते ने पीछे से काट लिया। और बददी के वार्ड 2 में रहने वाले संदीप(17) को रात 10 बजे उसके घर के बाहर कुत्ते ने काट लिया। ओर इसे उपचार के लिए बददी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बददी अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन न होने की वजह से उसे प्राइवेट अस्पताल में इंजेक्शन लगवाना पड़ा।
उधर नगर परिषद बददी के कार्यकारी अधिकारी रणधीर वर्मा ने कहा कि जल्दी ही इन कुत्तो से निजात दिलाई जाएगी और एक टीम का गठन किया जाएगा जो कुत्तो को पकड़ने का काम करेगी।
सरकारी अस्पतालों में नही मिल रहे रेबीज इंजेक्शन
—कुत्ते के काटने के मरीजो को अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ रही है ।क्योंकि सरकारी अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन नही मिल रहा है और उन्हें प्राइवेट अस्पताल में जाकर लगवाना पड़ रहा है। रेबीज के 4 इंजेक्शन का खर्चा लगभग 1500 रुपये है । जिससे कि आम आदमी की जेब पर भी काफी असर पड़ रहा है।




























