नहर किनारे महिलाओं ने की पूजा
करनाल, आशुतोष गौतम (12 नवंबर) पश्चिमी यमुना नहर किनारे स्थित सूर्य मंदिर में श्रद्धालु कार्तिक व्रत कथा सुनने पहुंचे। पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। इससे पहले महिलाओं ने नहर किनारे दीप प्रज्जवलित कर मनोकामनाएं मांगी। गौरतलब है कि कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद दान का भी महत्व है। आस्था है कि इस दिन दीपदान और पिंडदान करने से कई पीढ़ी तक जीवन सुधर जाता है। श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ ही सूर्य देवी की उपासना की। सूर्य मंदिर में छठ पर्व सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। प्रधान सुरेश कुमार यादव ने बताया कि प्रति वर्ष यह उत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। पूरे साल में कार्तिक पूर्णिमा का सबसे बड़ा महत्व होता है। लोग आज बड़ी संख्या में मंदिर में सूर्य की उपासना के लिए पहुंचे। मान्यता है कि कार्तिक व्रत करने से घर में यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति पूरे कार्तिक मास स्नान करते हैं उनका नियम कार्तिक पूर्णिमा को पूरा हो जाता है। इस अवसर पर प्रधान सुरेश कुमार यादव, अर्जुन पंडित, राम बहादुर, राम दयाल, सिकंदर, राम बिलास, राजेश, भोला राय, विश्वास मेहतो, दिलीप कुमार व राम प्रवेश आदि मौजूद रहे।
नहर किनारे ईंटों से कोठड़ी बनाकर की पूजा
महिलाओं ने अपना घर बनाने की मनोकामनाओं के साथ नहर किनारे ईंटों से कोठड़ी बनाकर पूजा अर्चना की। मान्यता है कि ऐसे कोठड़ी बनाने से परिवारों में सुख समृद्धि आती है और जिन लोगों के पास अपना घर नहीं होता उन पर ईश्वर की कृपा होती है और उनका अपना घर बन जाता है।

































