जरूरतमंद को घर-घर भेजा किट बनाकर जरूरी कच्चा सामान, जिले के करीब 400 लोगों ने एडोप्ट किये परिवार, लॉक डाउन का हुआ दृढ़ता से पालन: डीसी
करनाल, आशुतोष गौतम ( 10 अप्रैल ) कोविड-19 के कारण देश में लॉक डाउन किया गया, इस लॉक डाउन से प्रभावित होने वाले नागरिक, गरीब व जरूरतमंद भूखा ना सोए, इसके लिए डीसी निशांत कुमार यादव ने नगर वासियों से एडोप्ट ए फैमिली यानी एक परिवार गोद लेने की स्कीम सुझाई। डीसी की इस अपील को नागरिकों व अन्य समाज सेवियों ने हाथों-हाथ लिया, देखते ही देखते करनाल के करीब सैंकड़ों समाज सेवियों ने 64 लाख रूपये इस स्कीम में देकर करीब 15 हजार परिवारों को गोद लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी अपनी प्रेसवार्ता में करनाल जिले के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की है। स्कीम के अनुसार इन परिवारों को प्रति सप्ताह के लिए जरूरी राशन, जिसमें चावल, आटा, दाल, आलू, खाना पकाने का तेल, चीनी, सूखा दूध जैसी जरूरी खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई। प्रशासन की इस योजना से जहां इन गरीब परिवारों को घर बैठे जरूरी राशन मिल रहा है, वहीं लॉक डाउन का भी दृढ़ता से पालन हो रहा है। एडोप्ट ए फैमिली स्कीम के चालूू होने से अब नगर का कोई भी जरूरतमंद घरों से बाहर नहीं निकलता। इस स्कीम के तहत जिले के करीब 400 लोगों ने परिवारों को एडोप्ट किया और जरूरी कच्चा सामान सहयोग की राशि से गरीबों को पहुंचाया। उपायुक्त ने बताया कि एडोप्ट ए फैमिली स्कीम का हर जरूरतमंद को लाभ मिले, इसके लिए करनाल शहर के 20 वार्डो में 20 टीम बनाई गई है, इन टीमों में वार्ड के अनुसार शहर के पांच गणमान्य सदस्यों शामिल किया गया है। इन सदस्यों द्वारा जिन जरूरतमंद को चिन्हित किया गया, उन्हें राशन किट बनाकर घर-घर दी जा रही है। एडोप्ट ए फैमिली स्कीम में कुछ ऐसे समाज सेवी संस्था व दानवीर है, जिन्होंने 100 से अधिक परिवारों को भी गोद लिया है और यह सिलसिला लगातार जारी है उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल तक करीब 69 लाख रूपये इस स्कीम में जमा हो चुके है। एनजीओ व सरकारी टीमों के सहयोग से भी कच्चा राशन जरूरतमंद के घर-घर पहुंचाया जा रहा है। जिनमें दैनिक वेतन भोगी कार्यकर्ता , आवासहीन व्यक्ति, निर्माण कार्य में लगे मजदूर, रिक्शाचालक तथा भिखारी शामिल है।
































