संविधान दिवस पर सरस्वती विद्या स्कूल में संगोष्ठी का आयोजन
बद्दी,26 नवंबर( शांति गौतम) संविधान दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर स्कूल बद्दी में स्कूल प्रधानाचार्य गणेश दत्त शर्मा द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें सभी शिक्षक तथा स्कली छात्र मौजूद रहे। गणेश दत्त ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बडा संविधान है और आज ही के दिन 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था। भारतीय संविधान के जनक डा0 भीमराव अम्बेडकर के 125वें जन्म दिवस पर सन् 2015 से इसे सरकारी तौर पर हर वर्ष मनाया जाता है।
– कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पार्षद अधिवक्ता संदीव सचदेवा उपस्थित हुए। उन्होंने बच्चों से डाक्टर भीमराव अम्बेडकर के विचारों को जन जन तक पहुचाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान को बनाने में दो साल गयारह महीने अठारह दिनों को लम्बा वक्त लगा था। तथा डाक्टर भीमराव अम्बेडकर दलितों, पिछडों, आदिवासियो, मजदूरों और शोषित वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए जीवन भर प्रयासरत रहे। तथा दहेज प्रथा, छुआ छुत जैसी सामाजिक बुराईयों को खत्म करने में अहम भूमिका अदा की। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं दलित वर्ग से सम्बन्ध रखता हुं और आज भी हमारा समाज में जात-पात तथा छुआ छुत जैसी बुराईयों से जूझ रहा है। जिसे खत्म करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि बडी चिन्ता का विषय है कि जिस महापुरूष ने विश्व का सबसे बडा संविधान लिखा उनके सम्मान के लिए 125 वर्ष लम्बा इन्तजार करना पडा और वर्तमान भारत सरकार ने 2015 में उन्हें सही सम्मान देते हुए बीआर अम्बेडकर की याद में संविधान दिवस मनाने की घोषण की। और तब से लेकर आजतक हर वर्ष उन्हीं की याद और विचारों को आगे बढाने के लिए 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है। उन्होंने संविधान दिवस के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर गणेश दत्त शर्मा, रमा वर्मा, सुनीता सेमवाल, किशन लाल, कुमारी माला, शालू ठाकुर, बिमला वर्मा, सन्तोष गुप्ता, वन्दना कुमारी, रूचिका शर्मा, राजेश कुमारी, कुसुम लता, बर्खा गोला, रितु बाला सहित स्कूली विद्यार्थी मौजूद रहे।





























