नेहरू युवा केंद्र द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय युवा स्वयं सेवी प्रशिक्षण का चौदह दिन हुए संपन्न
नीना गौतम कुल्लू, (28 अक्तूबर) नेहरू युवा केंद्र के राज्य उपनिदेशक सैमसन मसीह ने युवायों का मार्गदर्शन किया व सभी युवा स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए का कि शिक्षा आज की सबसे शक्तिशाली कुंजी है। युवा किसी भी देश की सबसे की सबसे शक्तिशाली शक्ति है। यह युवा शक्ति किसी भी कार्य को करने में सक्ष्म है। यूथ का अर्थ समझाते हुए बताया की जब युवा बचपन के बाद अधेड़ अवस्था से पहले 15-29 आयु वर्ग के मनुष्य को युवा कहा जाता है। इस आयु वर्ग के युवाओं में किसी भी कार्य को करने की असीम शक्ति होती है और मानवता के विकास के लिए किसी भी काम करने में समर्थ है। युवा को सबसे पहले अपनी जिम्मेवारी को समझना होगा तभी एक जिमेवार युवा अपने देश और राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सकते है। देश में अगर समस्याओं का कोई हल कर सकता है तो वो युवा है। युवा का अर्थ बताते हुए बताय की युवा के भीतर शक्ति, आज्ञाकारी, एकता, सत्य, ईमानदारी जैसे गुण होने चाहिए। देश के निर्माण कार्यां को आगे ले जाने के स्वयंसेवी संस्थाओं का गठन किया जिसमें एन सी सीएएन एस एसए नेहरू युवा केंद्र प्रमुख है। सबसे पहले युवा मड़ल की स्थापना 1926 ई. में भगत सिंह ने किया था। गुरूदेव सिंह राणा ने युवाओं को नेहरू युवा केंद्र के अलग अलग कार्यक्रमों को आयोजित करने की योजना किस तरह से बनाई जाती है विस्तार से जानकारी दी। शिविर प्रशिक्षक बीजू ने युवाओं को खड स्तर पर कार्यक्रम करनवाने की रूप रेखा बताई। दिपावली को बेहतरीन मनाने के लिए डी जे पार्टी भी आयोजित की गई। जिला युवा समंवयक केलांग राम सिंह थॉमस ने उपनिदेशक का सभी युवा स्वयंसेवियों की ओर स्वागत किया। नेहरू युवा केंद्र कुल्लू से जिला युवा समंवयंक सोनिका चंद्रा ने सभी युवा स्वयं सेवियों को दिपावली की बधाई व शुभकामनाएं भी दी।































